प्रयागराज, मार्च 11 -- प्रयागराज, संवाददाता। हिन्दुस्तानी एकेडेमी की ओर से बुधवार को एकेडेमी के सभागार में 'भारतीय ज्ञान परंपरा और लोक साहित्य' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता श्याम लाल महाविद्यालय दिल्ली के डॉ. सत्यप्रिय पांडेय ने कहा कि ज्ञान परंपरा को समृद्ध करने का कार्य लोक ने अपनी कहावतों, लोकगीतों, लोक कथाओं व लोक नाट्यों के माध्यम से किया है। इसलिए लोक साहित्य में भारतीय ज्ञान परंपरा की धरोहर मौजूद है। यह धरोहर वैदिक सूत्रों की तरह लोकोक्तियों में विद्यमान है।सीएमपी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने कहा कि ज्ञान परंपरा और लोक साहित्य दोनों पृथक नहीं है। लोक साहित्य के माध्यम से हमारी परंपरा जन-जन तक पहुंचती है। विशिष्ट वक्ता डॉ. कल्पना वर्मा ने कहा कि भारत के युगद्रष्टा महर्षियों का भौतिक ...
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