'लोकायुक्त के जांच विभाग को आरटीआई दायरे से छूट नहीं'
नई दिल्ली, जून 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश की स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (एसपीई), जो राज्य लोकायुक्त की जांच विभाग है, कोई 'खुफिया' और 'सुरक्षा' संगठन नहीं है जिसे सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के दायरे से छूट दी जा सके। जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने राज्य सरकार के 25 अगस्त, 2011 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया, जिसमें एसपीई को कानून की नजर में खराब होने के कारण आरटीआई के दायरे से बाहर करने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि जिस कानूनी योजना के तहत एसपीई बनाया गया है, और लोकायुक्त या उप-लोकायुक्त को दिए गए अधिकार क्षेत्र के साथ, यह साफ तौर पर दिखाता है कि एसपीई को 'खुफिया' और 'सुरक्षा' संगठन नहीं कहा जा सकता, जब वह 1981 अधिनियम के सेक्शन 7 में बताए गए मामलों में लोकायुक्त या उ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.