मुंबई, मार्च 6 -- महाराष्ट्र कैबिनेट ने गुरुवार को 'धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026' नामक एक नए धर्मांतरण विरोधी कानून के मसौदे (ड्राफ्ट) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस कानून का उद्देश्य राज्य में गैरकानूनी, धोखे से या जबरन कराए जाने वाले धार्मिक धर्मांतरण को रोकना है। गैरकानूनी या जबरन धर्मांतरण के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 7 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबरन धर्मांतरण में शामिल पाए जाने वाले संगठनों पर भी प्रतिबंध और दंडात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव है।गैर-जमानती अपराध इस प्रस्तावित कानून के तहत दर्ज होने वाले अपराध गैर-जमानती होंगे। इसका मतलब है कि जबरन धर्मांतरण की शिकायत मिलने पर पुलिस को तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने का अधिकार होगा।विधानसभा में पेश करने की तैयारी इंडियन एक्सप्रेस ने सू...