इस्लामाबाद, अप्रैल 24 -- अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में शांतिदूत की भूमिका निभाने की पाकिस्तान की महत्वाकांक्षा का एक गंभीर परिणाम सामने आया है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत भले ही अभी अधर में लटकी हो, लेकिन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और उसका सैन्य केंद्र रावलपिंडी पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं। इस अनिश्चितकालीन बंदी ने कोविड-19 के दौर वाले लॉकडाउन की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं, जिससे व्यापार और आय के नुकसान के कारण जनता में भारी आक्रोश है। राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को भी यातायात ठप रहा, क्योंकि अधिकारी शांति वार्ता के लिए अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं के संभावित दौरे का इंतजार कर रहे हैं। इस्लामाबाद और रावलपिंडी के प्रशासन ने रविवार को अति विशिष्ट लोगों के आवागमन वाले क्षेत्रों में सभी प्रमुख सड़कों और बाजारों को बं...
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