नई दिल्ली, मार्च 6 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश के तहत माना है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दो बालिग लोग एक साथ रहने के लिए स्वतंत्र हैं। उनकी निजी जिंदगी में परिवार का दखल उचित नहीं। हाईकोर्ट ने इस मामले में लिव-इन रिलेशन में रह रहे युवक-युवती को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने अपने आदेश में दोहराया कि साथी (पार्टनर) चुनने का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 व 21 से मिलता है। बेंच ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहे एक युवक-युवती की सुरक्षा याचिका को मंजूर कर लिया है। इस मामले में युवती ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा था कि उसके पिता, रिश्तेदार व परिचितों की तरफ से उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि अगर वह अलग नहीं हुए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस जो...