बर्लिन, अक्टूबर 23 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन के मुद्दे पर यूरोप के विकसित देशों को खूब खरी खोटी सुनाई। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भारत जैसे विकासशील देशों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि वातावरण में बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन किसने किया और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने में किन देशों की भूमिका रही है। उन्होंने बिना हिचके अमीर देशों को जिम्मेदार ठहराया। गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की लगभग 17 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उसका योगदान तीन प्रतिशत से भी कम है। इसके उलट, यूरोप की आबादी दुनिया की कुल आबादी का लगभग तीन से चार प्रतिशत होने के ...