चंडीगढ़, फरवरी 13 -- पंजाब की धरती, जिसे कभी नशे की महामारी ने जकड़ लिया था, आज उसी धरती पर निर्णायक जवाब लिखा जा रहा है। एक मार्च 2025 से शुरू हुआ 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब की अस्मिता की लड़ाई बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट चेतावनी थी कि नशा बेचने वालों के लिए इस प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी। और एक साल के भीतर हालात ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ बयान नहीं, इरादा था। नशे के खिलाफ चल रहे 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान पर अब पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जिस खुले दिल से तारीफ़ की है, उसने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है। जब बात पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने की हो, तो सच्चा काम खुद बोलता है। फरवरी 2026 तक 49,436 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, 34 हजार से ज्यादा एफआईआर, हजारों ...
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