नई दिल्ली, सितम्बर 27 -- दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सीएम श्री स्कूलों की एडमिशन पॉलिसी को लेकर 11 साल के एक बच्चे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बच्चे ने इन स्कूलों में छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा में प्रवेश लेने के लिए एडमिशन टेस्ट लेने पर आपत्ति जताई है। उसने इस प्रवेश परीक्षा को संविधान से मिले अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय से इस प्रवेश परीक्षा को रद्द करने, और एडमिशन लॉटरी के जरिए देने से संबंधित निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही इस याचिका में याचिकाकर्ता बच्चे ने हाई कोर्ट जाने की बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट में आने की वजह भी बताई है। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस रिट याचिका में कहा गया है कि इस तरह की प्रवेश परीक्षा संविधान के अनुच्छेद 21-ए का उल्लंघन है, जिसके तहत बच्चों को निःशुल्क...
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