वाराणसी, मार्च 17 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू स्थित वैदिक विज्ञान केंद्र में 'वैदिक विज्ञान के विविध स्‍वरूप' विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्‍ठी के दूसरे दिन यज्ञ विज्ञान पर चर्चा हुई। विशिष्ट अतिथि प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ विज्ञान के अंतर्गत सम्‍पूर्ण सृष्टि समाहित है। ओजोन परत की सुरक्षा में भी इसका काफी महत्‍व है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का मूल आधार यज्ञ है और यज्ञों का मूल आधार अग्निहोत्र है। सम्‍पूर्ण ब्रह्माण्‍ड के संरक्षण के लिए यज्ञ विज्ञान पर शोध की जरूरत है। मुख्‍य अतिथि जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा ने कहा कि वेद ही विज्ञान है, दर्शन शब्‍द ऋषियों से आया है, जबकि फिलॉसॉफी लॉजिकल अनुभूति है। पदार्थ विज्ञान परमाणु को फंडामेंटल मानता है, न्‍यायशास्त्र भी यही मानता है। क्‍वांटम भौतिकी के सूत्र भी वेदों में वर्ण...