कानपुर, सितम्बर 2 -- पुलिस एनकाउंटर में छह साल पहले मारे गए विकास दुबे का मृत्यु प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बन सका। दरअसल, उनके पिता का नाम रामकुमार है और पंचायतनामा में गलती से राजकुमार लिख गया है। इसी वजह से पेच फंसा हुआ है। मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मंगलवार को सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल की। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच के बाद नाम सही कराया जाएगा। कमिश्नरेट पुलिस ने 10 जुलाई 2020 को विकास दुबे का एनकाउंटर किया था। पंचायतनामा में विकास दुबे की पिता का नाम राजकुमार दर्ज होने से पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद मिलने वाली डिस्पोजल स्लिप में भी यही नाम चढ़ा दिया गया। उनकी पत्नी ऋचा दुबे मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर काट रही हैं। कहीं सुनव...