नई दिल्ली, जून 6 -- चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि हाशिए पर पड़े समुदायों के प्रतिनिधि आज भारत के कुछ सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन हैं, जो डॉ. बीआर आंबेडकर के समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के दृष्टिकोण के अनुरूप है। न्यायमूर्ति गवई ने लंदन के ऐतिहासिक 'ग्रेज इन' में गुरुवार शाम को भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष व्याख्यान दिया। इस दौरान उन्होंने संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में डॉ. आंबेडकर की स्थायी विरासत पर प्रकाश डाला। आंबेडकर ने एक सदी से भी पहले ग्रेज इन से ही बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त की थी। यह भी पढ़ें- रास्ते पर आया कनाडा, मार्क कार्नी ने पीएम मोदी को फोन करके दिया G-7 का न्योता यह भी पढ़ें- पशु कुर्बानी के खिलाफ दायर याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार चीफ जस्टिस गवई ने कहा कि आ...
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