नई दिल्ली, फरवरी 12 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने इस रुख को दोहराया कि वह कारोबारी विजय माल्या द्वारा दायर याचिका पर तब तक विचार नहीं करेगा, जब तक वह भारत वापस नहीं लौट आता। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने यह टिप्पणी माल्या की उस याचिका पर दी जिसमें उसने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओ) के प्रावधानों को चुनौती दी है। पीठ ने कहा कि माल्या को पहले यह स्पष्ट करना होगा कि वह भारत लौटेंगे या नहीं। अदालत ने कहा कि आपको (माल्या) वापस लौटना होगा। अगर आप वापस नहीं आ सकते तो हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय करते हुए कहा कि वह माल्या को यह स्पष्ट करने का एक और अवसर दे रही है कि क्या वह भारत लौटने को तैयार है। अदालत ने कहा कि हमें रिकॉर्ड पर यह दर्ज क...