पटना, नवम्बर 24 -- जीवन में जीता हर कोई है लेकिन, सुखी एवं खुशहाल जीवन जीने का अलग ही महत्व होता है। यह तब संभव है जब हम अच्छा करने का संकल्प लेकर जीवन जीना शुरू करें। माता,पिता और गुरु की वंदना करने वाले कभी दुखी नहीं होते। उक्त बातें 9 दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन कथावाचक राजेंद्र प्रसाद पांडे महाराज ने कहीं। बख्तियारपुर के पंडित शीलभद्र याजी नगर में श्रीराम मंदिर परिवार की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक राजेंद्र प्रसाद पांडे ने कहा कि हमेशा मीठी बोली बोलना चाहिए। इससे अपने विरोधियों का भी दिल जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजा हो या रंक कर्मों का फल सबको भोगना पड़ता है। भगवान श्रीराम को भी वनवास जाना पड़ा था तो हम क्या है। प्रवचन के दौरान श्रद्धालु कथा सुन भावविभोर हो गए। मौके पर सत्यानंद याजी, श्यामू याजी व अन्य मौजूद थे ।
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