'मां जानकी की जन्मस्थली पहुंचकर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं'
सीतामढ़ी, अगस्त 30 -- सीतामढ़ी। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बीच काठमांडू में फंसे नागपुर के 106 सैलानियों के लिए जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी की धरती राहत का पड़ाव बनी। नेपाल की भयावह स्थिति और खतरनाक रास्तों से निकलकर भिठ्ठामोड़ पहुंचे सैलानियों ने कहा कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पर पहुंचने के बाद पहली बार खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सैलानियों का कहना था कि नेपाल से निकलने के दौरान हर मोड़ पर जान का खतरा महसूस हो रहा था। सैलानियों ने बताया कि आपदा के बाद काठमांडू से सीमावर्ती इलाकों की ओर आने वाले कई रास्तों की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। खासकर पहाड़ी नदियों के आसपास के मार्गों पर पानी का तेज बहाव और सड़क पर जमा मलबा परेशानी का सबब बना रहा। कई स्थानों पर वाहनों को बेहद सावधानी से निकालना पड़ा। यात्रियो...
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