नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- नीट प्रदर्शन हिंसा मामले के एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि शांतिपूर्ण जुलूस में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज जैसे उपद्रवी तत्वों को जानबूझ कर शामिल किया ताकि हिंसा भड़काई जा सके। साथ ही याचिकाकर्ता ने उन सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटा और उन पर बल प्रयोग किया। याचिकाताओं में से एक, शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष जवाबी हलफनामा दायर किया और दिल्ली पुलिस के विभिन्न तर्कों को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने अपने हलफनामे में स्वतंत्र भारद्वाज के उन बयानों का भी जिक्र किया गया जिनमें उन्होंने कथित तौर पर एक युवा छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने की बात मान...