नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के लिए भारतीय समाज में गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुकी पितृसत्तात्मक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। शीर्ष अदालत ने कहा कि दशकों से चले आ रहे कानूनी सुधार, कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और घरेलू हिंसा और लैंगिक अपराध आज भी व्यापक रूप से जारी हैं। जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति की अपील को खारिज करते हुए यह फैसला दिया। निचली अदालत ने जलाकर पत्नी की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराते हुए शंकर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया था। पीठ ने पीड़िता के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए शंकर की अपील खारिज कर दी। शीर्ष...
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