कोलकाता, अगस्त 2 -- निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश की मौजूदा सियासी और सामाजिक स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मदरसा शिक्षा को गैर-जरूरी बताते हुए दावा किया कि इससे सिर्फ जिहादी पैदा होते हैं। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की बिगड़ती हालत का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हिंदू महिलाओं के पास कोई अधिकार नहीं हैं, यहां तक कि उत्तराधिकार संबंधी अधिकार भी उन्हें नहीं मिलते।मदरसे से जिहादी पैदा होते हैं उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मदरसे नहीं होने चाहिए। कई मामलों में मदरसे जिहादी बनाते पाए गए हैं। इमामों और मदरसा शिक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुझे नहीं लगता कि मदरसों की कोई जरूरत है। कई स्नातक आगे कोई अच्छा काम नहीं करते; वे दान पर गुजारा करते हैं। उन्होंने बांग्लादेश को पूरी तरह धर्मनिरपे...