वाराणसी, फरवरी 14 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। एक हंसती-खेलती लड़की की दुनिया एसिड अटैक के बाद बदल जाती है। कभी आइने को देर तक देखने वाली यह लड़की अब उससे आंखें चुराती है। परिवार, रिश्तेदार और समाज का तरस खाने वाला व्यवहार उसे रास नहीं आता। वह खुद को मजबूत रखने के लिए जतन करती रहती है। लघु नाटिका 'भोली चिरैया' में एसिड अटैक पीड़िता का यह दर्द देख सभी की आंखें नम हो आईं। डीएवी पीजी कॉलेज के युवा महोत्सव 'उड़ान-26' के पहले दिन शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने सामाजिक कुरीतियों, संस्कृति और अपनी विरासत का बोध कराती विविध प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पहले दिन एकल अभिनय, माइम, लघु नाटक, मिमिक्री आदि की धूम रही। पहली बार सांस्कृतिक शोभायात्रा भी निकाली गई। साहित्य, कला, अभिनय और रंगमंच की 20 विधाओं में 300 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए। शोभाया...
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