नई दिल्ली, जून 2 -- भारत की रक्षा नीति और कूटनीति में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा और आक्रामक बदलाव आया है। भारत अब केवल हथियारों का खरीदार नहीं रहा, बल्कि वह अपने रणनीतिक हितों को साधने के लिए हथियारों का एक प्रमुख निर्यातक बन चुका है। भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और बढ़ते रक्षा निर्यात ने अंतरराष्ट्रीय चर्चा छेड़ दी है। चीनी विशेषज्ञों ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को "अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का ट्रबलमेकर" तक बता दिया है, जबकि तुर्की मीडिया में भारत द्वारा आर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस को हथियार सप्लाई करने पर चिंता जताई जा रही है।चीन का डर: ब्रह्मोस को क्यों माना जा रहा है 'ट्रबलमेकर'? साउथ चाइना सी में चीन की विस्तारवादी नीतियों को रोकने के लिए भारत ने उन देशों को हथियारबंद करना शुरू कर दिया है, जिनका चीन के साथ सीमा और समुद्री विव...