नई दिल्ली, फरवरी 18 -- भगोड़ा अपराधी कारोबारी विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दलील दी वह भारत कब लौटेगा यह नहीं बता सकता, क्योंकि ब्रिटेन की एक अदालत ने उसके देश छोड़ने पर रोक लगाई है। माल्या भारत में धोखाधड़ी और धनशोधन के कई मुकदमों का सामना कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ के समक्ष माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया है, इसलिए उसके पास यात्रा के लिए यह महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं है। उसने कहा कि वह इस कारण से भारत लौटने की निश्चित तारीख नहीं बता सकता। माल्या की उपस्थिति जरूरी नहीं देसाई ने दोहराया कि अदालत द्वारा भगोड़ा करार और अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ दायर दलीलों पर सुनवाई के लिए माल्या की देश में उपस्थिति जरूरी नहीं है। देसाई ...