नई दिल्ली, जून 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने गरीबी में जीवनयापन कर रहे एक दृष्टि बाधित व्यक्ति और उसकी 80 वर्षीय मां की स्थिति का संज्ञान लेते हुए ओडिशा सरकार को मंगलवार को निर्देश दिया कि वह इन लोगों को सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मीडिया में आई खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जापा भुए और उनकी बुजुर्ग मां राधिका भुए की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिया कि वह मां-बेटे को मुहैया कराए गए कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को लेकर एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे। यह भी पढ़ें- दृष्टिबाधित बेटे और बुजुर्ग मां की गरीबी देख पसीजा SC का दिल, कहां गईं सरकारी योजनाएं राधिका और उनके दृष्टिबाधित बेटे जापा ...