नई दिल्ली, मार्च 6 -- नेपाल के हालिया आम चुनावों के नतीजे भारत के लिए विशेष महत्व रखते हैं। 5 मार्च को हुए इन चुनावों में पहली बार 'जेन-जी' नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद मतदान हुआ, जिसने पिछले साल केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया था और सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था। नेपाल में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के बड़े प्रदर्शनों ने राजनीतिक अस्थिरता पैदा की, जिसमें दर्जनों मौतें हुईं। भारत और नेपाल के बीच भौगोलिक निकटता, ऐतिहासिक-सांस्कृतिक जुड़ाव व आर्थिक निर्भरता के कारण भारत इन चुनावों पर गहन नजर रख रहा है। चुनाव परिणाम दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर जब नेपाल में राष्ट्रवादी भावनाएं मजबूत हो रही हैं। यह भी पढ़ें- भारत की जिम्मेदारी है कि. ईरानी पोत डुब...
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