लखनऊ, जनवरी 28 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। परिषदीय शिक्षा अब केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित नहीं रही बल्कि बच्चों के आत्मसम्मान, जीवन कौशल और व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। इसी के तहत स्कूलों में बाल उत्सव का आयोजन कर उसके माध्यम से शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर बच्चों के आत्मसम्मान, जीवन कौशल और व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ा जा रहा है। इस पहल को परिषदीय शिक्षा को आत्मविश्वासी नागरिक गढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।' इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करना है। बाल उत्सव में बच्चे अपने अनुभव, सपने और विचार साझा करेंगे, जिससे उनमें अपनी बात निर्भीकता से रखने का आत्मविश्वास विकसित होगा। साथ ही इसके तहत होने वाले टीमवर्क, समस्या समाधान और रचनात्मक अभिव्यक्ति से ...
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