'फैसलों में हर व्यावहारिक कठिनाई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता'
नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- फैसलों की सीमाएं और व्यावहारिक कठिनाइयां मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को कहा कि किसी फैसले में उन सभी कठिनाइयों का पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता, जो उसके निर्देशों को लागू करते समय सामने आ सकती हैं। यहां बी.आर. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 'कानून और संविधान संवाद' के चौथे संस्करण के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, सीजेआई ने कहा कि एक फैसला किसी विवाद को सुलझाता है और कानून तय करता है, जो मुख्य रूप से उसके निष्कर्ष और उसके पीछे के कारणों तक ही सीमित रहता है। इसी अनुशासन की वजह से दुनिया भर में फैसलों पर भरोसा किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि कोई फैसला उन सभी व्यावहारिक कठिनाइयों का पहले से अनुमान नहीं लगा सकता, जो उसके निर्देशों को लागू करते समय आ सकती हैं।
मतभेद और आलोचना में संयम जरूरी वि...
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