'फांसी होती तो...', घर के 11 सदस्यों को जिंदा जला दिया गया था; सज्जन कुमार की मौत पर क्या बोला परिवार
दिल्ली, अगस्त 21 -- गरुवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद और दिल्ली में सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार की जेल में मौत हो गई। सज्जन कुमार की मौत के बाद सिख दंगों में पीड़िता परिवारों का बयान सामने आया है। सिख दंगों में अपने परिवार के 11 सदस्यों को जिंदा जलते देखने वाली गंगा कौर ने कहा कि सज्जन कुमार की प्राकृतिक रूप से मौत होने पर उन्हें इंसाफ जैसा नहीं महसूस हुआ। उनका कहना है कि सज्जन कुमार को अगर फांसी होती तो उन्हें ज्यादा सुकून मिलता।'परिवार के 11 लोगों को जिंदा जलवा दिया' 31 अक्टूबर की शाम से शुरू हुए सिख विरोधी दंगों में कुल 2733 लोगों की मौत हुई थी। गंगा कौर ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि दंगों के दौरान उनकी उम्र मात्र 9 साल की थी। उनकी आंखों के सामने ही परिवार के 11 लोगों को जिंदा जला दिया गया, जिसमें उनके पिता, उनके चाचा के तीन बे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.