'पोत का किराया समझौता खत्म करने को कब्जा लेना जरूरी नहीं'
नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर बेयरबोट चार्टर के तहत दिया गया समझौता सही तरीके से नोटिस देकर खत्म किया जाता है, तो वही नोटिस किराये का समझौता समाप्त करने के लिए पर्याप्त है। पोत का मालिक तुरंत पोत का वास्तविक कब्जा वापस ले, यह जरूरी नहीं है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने इस मुद्दे पर फैसला सुनाया, जिस पर पहले किसी भारतीय अदालत ने विचार नहीं किया था। फैसला लिखने वाले सीजेआई ने कहा कि यदि समझौते की शर्तों के अनुसार वैध तरीके से समाप्ति का नोटिस दिया गया है, तो उसी समय से किराये का समझौता खत्म माना जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पोत का वास्तविक कब्जा वापस लेना सिर्फ नियंत्रण वापस लेने की व्यावहारिक प्रक्रिया है, समझौता खत्म होने की शर...
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