दिल्ली, अप्रैल 17 -- महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के बीपीओ कैंपस में महिलाओं के साथ हुए कथित यौन दुर्व्यवहार ने कॉरपोरेट दफ्तरों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं.भारत में पॉश कानून के तहत हर कंपनी में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए एक समिति बनाना जरुरी है.इसका काम निष्पक्ष और समय रहते जांच करना है.नासिक में टीसीएस के ऑफिस में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं.आरोप है कि टीसीएस ने पॉश (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट) कानून की गाइडलाइंस की अनदेखी की.विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले की पड़ताल कर रही है.कर्मचारी संगठन "नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट" ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखकर महाराष्ट्र की अन्य आईटी कंपनियों में पॉश अनुपालन का ऑडिट कराने की मांग की है.भारत की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में...
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