कटिहार, अप्रैल 17 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक बड़ी खामी अब हजारों बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। 'पेन' (परमानेंट एजुकेशन नंबर) नहीं मिलने के कारण करीब 50 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन नए स्कूलों में अटक गया है। स्थिति यह है कि बच्चे प्रवेश परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन एक नंबर के अभाव में स्कूलों के दरवाजे उनके लिए बंद हो गए हैं।सरकारी और निजी विद्यालयों को मिलाकर जिले में छह लाख से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिन्हें अब तक पेन जारी नहीं किया गया है। पेन एक 12 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो आधार कार्ड की तरह छात्र की पहचान और शैक्षणिक रिकॉर्ड को जोड़ता है। यह भी पढ़ें- पैन के बिना अटका नामांकन बिना इस नंबर के न तो अपार आईडी बन सकती है और न ही नए स्कूलों मे...
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