नई दिल्ली, फरवरी 19 -- रेप के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का एक फैसला चर्चा में है। कोर्ट ने दोषी की सात साल की सजा कम कर दी है जो कि 2004 में एक निचली अदालत ने दी थी। कोर्ट का कहना है कि महिला के प्राइवेट पार्ट में पेनिट्रेशन के बिना ही इजैक्युलेशन हो जाए तो इसे रेप नहीं बल्कि रेप की कोशिश माना जाएगा। दोषी की अपील सुनते हुए कोर्ट ने सजा अब घटकर तीन साल छह महीने का कठोर कारावास कर दी है और 200 रुपये जुर्माना लगाया है। अब विशाल ददलानी ने छत्तीसगढ़ एचसी के फैसले पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई है और हैशटैग दिया है, रेपिस्ट बचाओ अभियान।क्यों भड़के विशाल ददलानी विशाल ददलानी ने इंस्टाग्राम पर Live Law का ट्वीट शेयर किया है। इस ट्वीट में है, पेनिस को वजाइना के ऊपर रखना और बिना पेनिट्रेशन के इजैक्युलेट करना रेप नहीं ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.