नई दिल्ली, मार्च 3 -- मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने प्रशासन को सुझाव दिया कि अदालत द्वारा नामित पांच लोगों को तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी के ऊपर पत्थर के खंभे के पास 15 मिनट के लिए प्रतीकात्मक प्रार्थना के लिए जाने की अनुमति दी जाए। दीपाथून (पत्थर का स्तंभ) के ऊपर कार्तिगई दीपम जलाने के अपने पहले के आदेश का पालन न करने के लिए दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने कहा कि अगर सरकार अदालत के पहले के आदेशों का सम्मान करना चाहती है तो सांकेतिक प्रार्थना (दीपक न जलाना) की इजाजत दी जा सकती है। न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन की पीठ ने यह भी कहा कि राज्य के खनिज और खान मंत्री एस. रेगुपति ने तिरुप्परनकुंद्रम मुद्दे को 'एक शरारतपूर्ण राजनीतिक मोड़' दिया था, जब उन्होंने कहा कि सरकार दीपाथून पर कार्तिगई दीपम जलाने की इजाजत नहीं देगी। न्यायमूर...
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