मुजफ्फरपुर, अगस्त 22 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता पंडित राजकुमार शुक्ल स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम किरण थे। उनके अथक एवं अनवरत प्रयासों ने ही महात्मा गांधी को चंपारण की धरती पर कदम रखने के लिए प्रेरित किया। यदि पंडित शुक्ल का संकल्प न होता तो संभवतः चंपारण सत्याग्रह के इस स्वर्णिम अध्याय की रचना ही न हो पाती। यह भी पढ़ें- लंगट सिंह कॉलेज में होगा पुस्तक परिचर्चा एवं व्याख्यानपंडित शुक्ल की निष्ठा उनकी निष्ठा और लगन आज भी यह सिखाती है कि सत्य एवं अहिंसा का मार्ग कितना सशक्त और प्रभावी हो सकता है। ये बातें शनिवार को एलएस कॉलेज में चंपारण सत्याग्रह में पंडित राजकुमार शुक्ल की भूमिका विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता इतिहासकार भैरव लाल दास ने कही।प्रमुख अतिथि और पुस्तक चर्चा स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में पुस्तक परिचर्चा ...