नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोई न्यायिक अधिकारी अदालत में जजों पर चिल्ला नहीं सकता। कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ 'बिना वजह गुस्से में चिल्लाने' के लिए शुरू की गई अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट अवमानना कार्यवाही जारी रख सकता है, लेकिन 28 सितंबर तक कोई अंतिम फैसला नहीं लेगा। शीर्ष अदालत राज्य के कानून और न्याय विभाग में सचिव और सीनियर कानूनी सलाहकार रहे अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गई, जिसमें उसने हाईकोर्ट के 1 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अधिकारी के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की थी। जब पीठ ने कहा कि वह याचिका पर नोटिस जारी करेगी, तो याचिकाकर्ता ...