'धर्म को बनाए रखने के लिए धार्मिक संप्रदाय और संगठन जरूरी'
नई दिल्ली, मई 14 -- सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ ने गुरुवार को कहा कि देश में धर्म को बनाए रखने के लिए धार्मिक संप्रदाय और संगठन जरूरी हैं। संविधान पीठ ने कहा कि संप्रदाय या संगठन ही लोगों को किसी खास दर्शन या धर्म से जोड़कर रखता है। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली नौ जजों की संविधान पीठ ने सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों के धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह टिप्पणी की। संविधान पीठ में सीजेआई के अलावा, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, एम.एम. सुंदरेश, अहसानुद्दीन अमनुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी. वराले, आर. महादेवन और जॉयमाल्य बागची भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर 16 दिन तक चली बहस के आखिरी दिन जस्टि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.