नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को श्री शंकराचार्य संस्कृत यूनिवर्सिटी के 16 सस्पेंडेड छात्रों को 4 नवंबर से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने वाले सिंगल बेंच के अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि धरना, भूख हड़ताल जैसी राजनीतिक गतिविधियां और सत्याग्रह जैसी प्रथाओं का संवैधानिक लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्रों को निकाला जा सकता है। हाई कोर्ट ने 2017 के एक फैसले का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ऐसे कार्यों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें संस्थान से बाहर किया जा सकता है।यूनिवर्सिटी की अपील मंजूर यूनिवर्सिटी ने सिंगल बेंच के 30 अक्ट...