देहरादून, जुलाई 13 -- उत्तराखंड की चर्चित डॉक्यूमेंट्री 'दिस ट्री वोंट फॉल' (ये पेड़ नहीं गिरेगा) का चयन प्रतिष्ठित लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। यह फिल्म 83 वर्षीय पर्यावरण संरक्षक सुदेशा देवी के संघर्ष, साहस और चिपको आंदोलन में उनके योगदान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी। करीब चार वर्षों में तैयार हुई यह डॉक्यूमेंट्री उत्तराखंड के हिमालयी गांवों की उन महिलाओं की प्रेरक कहानी को सामने लाती है, जिन्होंने लगभग पांच दशक पहले पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उन्हें गले लगाकर विश्व प्रसिद्ध 'चिपको आंदोलन' को नई पहचान दी थी। फिल्म में दिखाया गया है कि सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद महिलाओं ने प्रकृति संरक्षण के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई। यह भी पढ़ें- दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर बांध ढहा, दून में पुल बहा; 120 सड़कें बंद,...