अल्मोड़ा, जून 10 -- मुकेश सक्टा, सल्ट। आईएमपीसीएल दवा फैक्ट्री के निजीकरण का विरोध बुधवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने साफ किया कि दवा फैक्ट्री को बचाने के लिए वह हर संभव लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। अगर निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। दवा फैक्ट्री के निजीकरण के खिलाफ बुधवार को भी आंदोलनकारियों भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन जारी रखा। फैक्ट्री गेट के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि फायदे में चल रही कंपनी को उसकी कीमत से कहीं कम दाम में बेचकर सरकार ने करीबियों को लाभ देने की कोशिश की है। जबकि इस फैक्ट्री से हजारों लोगों का हित जुड़ा हुआ है। सरकार का यह फैसला किसी भी हाल में मंजूर नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। यहां कर्...