बलिया, मार्च 3 -- पूर, हिन्दुस्तान संवाद। होली से पहले सोमवार की शाम स्थानीय बाजार साहित्यिक रंग में रंगीन हो गया। धनराजो देवी सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में जनपद ही नहीं, अन्य जिलों से भी आए कवियों ने अपनी ओजस्वी, श्रृंगारिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा। शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। जिले के कवि शशि प्रेमदेव ने अपनी रचना 'दुनिया में ही मिलेंगे नेक आदमी' सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। डॉ. जितेंद्र स्वाध्याय ने 'जो जालिम से जंग करे, वह मरने पर भी जिंदा है' सुनाकर जोश का संचार कर दिया। आगरा से आए प्रांजल सिंह ने 'प्यार का पुष्प खिल जाए तो क्या करें, कोई रास्ते में मिल जाए तो क्या करें' सुनाया। डॉ. सत्यमवदा शर्मा ने 'तेरे जीवन में पहली सी रवानी हो नहीं सकती, मेरे जैसी कोई तेरी दीवानी हो नह...
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