नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट का शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत पर रोक लगाना 'पूरी तरह सही' था। अदालत ने टिप्पणी की कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इसमें म्हात्रे की याचिका भी शामिल थी। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद म्हात्रे ने जमानत देते समय हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों को चुनौती दी है। दरअसल, 18 जुलाई को, खुद संज्ञान लेते हुए, हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी और म्हात्रे को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा था। बाद में, 7 अगस्त...