नई दिल्ली, अगस्त 27 -- भारतीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 'डिजिटल गिरफ्तारी' से होने वाली ठगी को साइबर-धोखाड़ी का सबसे खतरनाक रूप करार दिया है। देश में बढ़ते साइबर अपराध को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए आयोग ने डिजिटल गिरफ्तारी के जरिए की जाने वाली ठगी को मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत एक अलग अपराध बनाने का सुझाव दिया है, ताकि जांच, मुकदमा चलाने और पीड़ित को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। एनएचआरसी ने हाल ही में 'डिजिटल गिरफ्तारी से ठगी के खिलाफ मानवाधिकारों की सुरक्षा' के विषय पर आयोजित 'ओपन हाउस चर्चा' के बाद इस अपराध से निपटने के लिए सरकार को कई सुझाव दिए हैं। आयोग ने केंद्र सरकार को भेजे सुझावु में कहा है कि 'डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम को मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत एक अलग अपराध माना जा सकता है ताकि जांच, मुकदमा चलाने और पीड...