नई दिल्ली, मई 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक जनहित याचिका पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश दिया है। याचिका में भारतीयों के कथित रूप से चोरी किए गए और विदेशी सर्वरों पर मौजूद व्यक्तिगत डाटा वापस पाने या नष्ट करने के लिए एक मजबूत तंत्र बनाने का अनुरोध किया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ साइबर सुरक्षा सलाहकार नीतीश कुमार द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश ने इस आधार पर जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि यह सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित है और इसका कानूनी पहलुओं से शायद ही कोई लेना-देना है। पीठ ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायतों के साथ सरकार से संपर्क करने के लिए कहा। पीठ ने कहा...