वाराणसी, मार्च 10 -- वाराणसी। बीएचयू के हिंदी विभाग में मंगलवार को कवि और आलोचक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल की चुनी हुई कविताओं के संग्रह 'झुकना किसी को रोपना है' का लोकार्पण और परिचर्चा हुई। इसका संपादन डॉ. विंध्याचल यादव के संपादन ने किया है। राजकमल समूह के राधाकृष्ण प्रकाशन की ओर से संग्रह का प्रकाशन किया गया है। मुख्य वक्ता प्रो. कृष्ण मोहन ने कहा कि श्रीप्रकाश शुक्ल सक्रियता के कवि हैं और यह उनकी कविताओं में बार बार दिखाई देता है। विशिष्ट वक्ता प्रो. प्रभाकर सिंह ने कहा कि प्रो.शुक्ल की कविताएं चुप्पी के खिलाफ हैं। डॉ. प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि इस संग्रह की कविताएं छोटे-छोटे विवरणों के माध्यम से अपने समय और समाज से जुड़ती हैं। अध्यक्षता कर रहे प्रो. सुरेंद्र प्रताप ने कहा कि श्रीप्रकाश शुक्ल की कविताओं में भारतीय प्रेम है, जिसमें एक जिजीवि...
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