'जैव विविधता के प्रति मानव का सकारात्मक व्यवहार जरूरी'
नैनीताल, जून 13 -- नैनीताल, संवाददाता। कुमाऊं विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) में चल रहे फैकेल्टी इंडक्शन कार्यक्रम में शनिवार को प्रो. ललित तिवारी ने 'जैव विविधता एवं पर्यावरण' विषय पर व्याख्यान दिया। कहा कि हम सभी प्राणीमात्र जैव विविधता का अभिन्न अंग हैं और अजैविक घटकों से हमारा रिश्ता ही पर्यावरण है।कहा, विश्व में रोज करीब 40 हजार पौधों व जंतुओं की प्रजातियों का उपयोग किया जाता है। कहा कि जैव विविधता जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके प्रति मानव का व्यवहार सकारात्मक होना चाहिए। वर्तमान में करीब 48600 प्रजातियां दुर्लभ श्रेणी में हैं। कहा, हमें प्रकृति से सामंजस्य बैठाकर रोज पर्यावरण को कुछ समय देना होगा, तभी ग्रीन मिशन में हमारी सार्थक भूमिका होगी। कार्यक्रम में 60 सहायक प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया।
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