अल्मोड़ा, अप्रैल 30 -- रणजीत सिंह मेहरा, स्याल्दे। वनाग्नि सुरक्षा को लेकर जड़पानी में गुरुवार को गोष्ठी हुई। सुनील टम्टा ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचने के साथ कई जीव-जंतु भी काल का ग्रास बन जाते हैं। यहां मेहश पोखरियाल, श्रीकांत उप्रेती, भगत राम, बची राम, मुकेश कुमार, पूरन राम, सुरेश राम, कमला देवी, सावित्री देवी, उमा देवी आदि रहीं। यह भी पढ़ें- वनाग्नि रोकथाम में न हो लापरवाही
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.