नई दिल्ली, मई 14 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति वाली चयन समिति में केंद्रीय मंत्री को शामिल किए जाने पर सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई भी मंत्री प्रधानमंत्री के खिलाफ अपनी राय जाहिर नहीं कर सकता है। अदालत ने आगे कहा कि इस समिति में तीसरा सदस्य ऐसा कोई व्यक्ति होना चाहिए जो निष्पक्ष हो और उसे ही निर्णय करना चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीष चंद्र शर्मा ने कहा कि जब समिति में प्रधानमंत्री, एक उनके द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होगा तो फैसला हमेशा 2:1 के बहुमत से सरकार के पक्ष में ही होगा। पीठ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति के लिए 2023 में बनाए गए कानून की संवैधानि...