मुजफ्फरपुर, फरवरी 20 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। डेढ़ महीने के भीतर कृषि विभाग के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर जिला कृषि कार्यालय अभी बहस का मुद्दा बना हुआ है। गिरफ्तारी के बाद जहां जिला कृषि कार्यालय में लगातार तीसरे दिन भी अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सहमे दिखे। वहीं विभाग में अवैध कमाई के स्रोतों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही। खासकर खाद के कारोबार में होने वाली मोटी कमाई की चर्चा सभी करते देखे गए। चर्चा है कि चढ़ावे के अनुसार ही थोक विक्रेताओं को खाद का आवंटन तय किया जाता था। इसके लिए हर अधिकारी अपने -अपने दौर में किसी ऐसे विश्वस्त को इसके लिए तैनात करते थे, जिससे उनके राज खुलने का डर नहीं रहता था। इनमें कुछ केवल कार्यालय के अधीनस्थों के सहारे वसूली करते थे, तो कुछ इसके लिए विक्रेताओं में से ही किसी को प्रलोभन देकर अपना विश्...