'ग्लोबल वॉर्मिंग' की तपन झेल रहा अलीगढ़
अलीगढ़, जून 29 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। आज दुनिया 'अंतरराष्ट्रीय उष्णकटिबंधीय दिवस' मना रही है। उष्णकटिबंधीय देश (जैसे भारत) अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आज यही क्षेत्र ग्लोबल वॉर्मिंग और पर्यावरण असंतुलन की सबसे भयंकर मार झेल रहे हैं। इसका सीधा उदाहरण हमारा अपना अलीगढ़ जिला है। पर्यावरण में आ रहे इन बदलावों का असर केवल बड़ी-बड़ी फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे जिले के आम आदमी की रसोई के बजट, बिजली के बिल, बच्चों की सेहत और पीने के पानी के संकट से जुड़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका 'रिसर्चगेट' पर प्रकाशित अलीगढ़ के दशक भर के जलवायु अध्ययन (2014-2024) और एयूआई क्लाइमेट चेंज इंडेक्स के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 16 वर्षों की तुलना में अलीगढ़ के समग्र 'क्लाइमेट चेंज सिवेरिटी स्क...
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