वाराणसी, सितम्बर 4 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। प्रसिद्ध कथाकार शिवमूर्ति ने कहा कि स्त्रियां भारतीय ग्रामीण समाज में परिवर्तन की अगुवाई कर रही हैं। वे सभी प्रकार की सत्ताओं और उनके प्रतिबंधों के विरुद्ध प्रतिरोध कर रहीं हैं और ग्राम समाज में समानता की बुनियाद रख रहीं हैं। बीएचयू के महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र की ओर से आयोजित व्याख्यान में उन्होंने अपनी कहानियों कसाईबाड़ा, तिरिया चरित्तर, कुच्ची का कानून आदि के आधार पर ग्रामीण स्त्रियों के जीवन की परिस्थितियों को समझाया। उन्होंने बताया कि उनकी कहानियों की मुख्य प्रेरणा ग्रामीण स्त्रियां रहीं हैं, इसलिए उनके कथा साहित्य में स्त्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बदलते समय के साथ कहानियों के स्त्री पात्र भी बदलते रहे हैं। पात्रों में होने वाले परिवर्तन वास्तव में सामाजिक परिस्थितियों में...