बलिया, मई 7 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गविष्ठी यात्रा का एकमात्र उद्देश्य गौ माता की रक्षा, उनके प्राणों की सुरक्षा और उनकी प्रतिष्ठा स्थापित करना है, जो वर्तमान में खतरे में है। गौ माता को पशु सूची से तत्काल बाहर करते हुए उन्हें मां का दर्जा दिया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य का सोनभद्र आगमन 11 मई कोगौ माता की रक्षा के लिए प्रयास देर शाम को बेल्थरारोड, सिकंदरपुर के रास्ते बलिया पहुंचे शंकराचार्य ने गुरुवार को जगह-जगह लोगों को संबोधित किया। गौ माता की रक्षा के लिए बनाए गए गोआश्रय स्थलों की हालत पर सवाल उठाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि इनकी हालत बेहद खराब है। गायें तो अंदर हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त भूसा-पानी नहीं मिल रहा है और न ही उनकी देखभाल के लिए सेवक ...
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