धनबाद, मार्च 6 -- टुंडी के पूर्णाडीह गांव निवासी सेवानिवृत्त वयोवृद्ध शिक्षक राजेंद्र प्रसाद तिवारी का गुरुवार तड़के निधन हो गया। वे न केवल एक आदर्श शिक्षक थे, बल्कि राजनीतिक मर्मज्ञ भी थे। झामुमो के शुरुआती दिनों में वे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अत्यंत करीबी साथी रहे। शिबू सोरेन के आंदोलन काल में जब समानांतर सरकार चलती थी, तब राजेंद्र तिवारी उसमें शिक्षा मंत्री हुआ करते थे। टुंडी इलाके में होने वाली सभाओं में गुरुजी मंच से हमेशा उनका नाम आदर के साथ लिया करते थे। राजेंद्र तिवारी एक स्थानीय अखबार में पत्रकार भी रहे और टुंडी के राजा रामेश्वर प्रसाद सिंह के सहपाठी थे। उनके निधन को टुंडी के एक युग का अंत माना जा रहा है। वे अपने पीछे तीन पुत्रों-विजय शंकर तिवारी, भागीरथ तिवारी और अजय तिवारी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। निधन की खबर मिलते ही...