संभल, मई 4 -- श्री गीता सत्संग भवन में आयोजित भव्य श्री राम कथा के पंचम दिवस पर रविवार को कथा का वाचन जगद्गुरु स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने किया, जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। महाराज ने अपने प्रवचन में भगवान श्री राम और महर्षि विश्वामित्र के प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब श्री राम ने विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की, तो वे अत्यंत प्रसन्न हुए। इसी दौरान राजा जनक के यहां से एक दूत पत्र लेकर आया। पत्र पढ़ने के बाद विश्वामित्र जी ने श्री राम से कहा कि अब एक और महत्वपूर्ण अवसर धनुष यज्ञ मिथिला में आयोजित हो रहा है, जिसे देखने वे वहां प्रस्थान करेंगे। यह भी पढ़ें- राम कथा में भक्ति की धारा, श्रद्धालुओं ने किया अमृतपान श्री राम ने गुरु की आज्ञा को सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी विनम्रता का परिचय दिया। कथा के दौरान अहि...